In the seventies, Skylab's name was on the child-child's language. This was the day of July 11, 1979, when the first space station (Skylab) that was sent to the Earth's orbit by the USA was heading towards Earth. Initially it was said that Skylab could fall in India. People were scared because of not knowing who would make this their target. The nine-storey high elevated and weighing 78 tons was Skylab ...
सत्तर के दशक में स्काईलैब का नाम बच्चे-बच्चे की ज़ुबान पर था। यह 11 जुलाई, 1979 का दिन था, जब अमरीका द्वारा पृथ्वी की कक्षा में भेजा गया पहला अंतरिक्ष केंद्र (स्काईलैब) धरती की ओर बढ़ रहा था। शुरुआत में कहा गया कि स्काईलैब भारत में गिर सकता है। इसके चलते लोग घबराए हुए थे कि न जाने यह किसे अपना निशाना बनाएगा।करीब नौ मंहिला ऊंचा और 78 टन वजनी था स्काईलैब...
- यह स्काईलैब अमेरिका द्वारा 14 मई, 1973 को अंतरिक्ष में भेजा गया था। करीब पांच साल तक स्काईलैब ठीक ढंग से काम करता रहा।
- नासा की रिपोर्ट के मुताबिक 1977-78 के दौरान अंतरिक्ष में उठे सौर तूफान से इसके पैनल जल गए और धीरे-धीरे इसके इंजन ने भी काम करना बंद कर दिया।
- इसके बाद यह अंतरिक्ष से धरती की ओर बढ़ने लगा। शुरुआत में तो यह भी पता नहीं था कि यह धरती पर कहां गिरने वाला है।
घरों के अंदर सोने लगे थे लोग
- स्काईलैब 11 जुलाई को हिंदमहासागर और ऑस्ट्रेलिया में गिरा, लेकिन इसके गिरने की चर्चा हफ्तों पहले से शुरू हो गई थी।
- नासा के वैज्ञानिकों ने आशंका जताई कि यह हिंद महासागर में गिर सकता है। इससे इसके इंडिया में गिरने की बात भी फैली।
- इससे भारतीय दहशत में आ गए और इस स्काईलैब की चर्चा बच्चों-बच्चों की जुबान पर छा गई। लोग इतने आशंकित थे कि घर के बाहर सोने वाले लोग घरों के अंदर सोने लगे थे।
- भारत में इसे लेकर यह तक अफवाह फैल गई थी कि इससे भारी जानमाल का नुकसान होगा। क्योंकि, जमीन पर गिरते ही इसमें भयानक विस्फोट होगा। इससे बचने के लिए जगह-जगह प्रार्थनाएं भी होने लगी थीं।
- उस दौरान इस घटना को लेकर यह तक कहा जाने लगा था कि अंतरिक्षक विज्ञान की उपलब्धियां मानव जाति के लिए विनाशाकारी साबित होंगी।