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हरियाणा के सोनीपत में चौबीस दिसंबर दो हजार सात को जन्मे अद्भुत प्रतिभा का धनी सात वर्षीय कौटिल्य विलक्षण प्रतिभा के साथ दुनिया में बेहद नाम कमायेगा । कौटिल्य के अंदर किसी योगी महर्षि विद्वान् की आत्मा है जो कौटिल्य के तीव्र मस्तिष्क को शक्ति प्रदान कर रही है । यह दावे वाराणसी में जुटे ज्योतिष के विद्वानों ने कही । कौटिल्य के अभिभावको ने वाराणसी आकर विद्वान् ज्योतिषियों से कौटिल्य की कुंडली का परिक्षण करवाने कि इच्छा शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरा नन्द सरस्वती जाहिर कि थी । इसी क्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरा नन्द सरस्वती के प्रयास से आज देश के जाने माने ज्योतिषियों ने कौटिल्य कि कुंडली का वाचन किया और सभी ने कौटिल्य की कुंडली को शास्त्रीय,वैदिक, राशिफल , सूर्य सिद्धांत ,हस्तरेखा , चरण भाग , मस्तक रेखा आदि ज्योतिषी प्रभागों से अवलोकन करके अपने अपने मत रखे । कौटिल्य की कुण्डली पर राय रखने के लिए एक सभा बुलायी गयी जिसमे काशी विद्वत परिषद् के अध्यक्ष समेत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के वरिष्ठ ज्योतिषियों , डा सम्पूर्णा नन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ ज्योतिषियों ने कौटिल्य की कुण्डली का निष्कर्ष निकला । सभी विद्वानो ने अपने अपने ढंग से कौटिल्य की कुंडली के गुण दोष , अच्छायी बुराई को जाँच परख कर व्याख्या किया । किसी ने कौटिल्य की कुंडली को मकर लग्न की है तो किसी ने इसे लग्नेश में शनि का बताया । आने वाला समय कौटिल्य के लिए बहुत अच्छा होगा । कुछ ज्योतिषियों ने कौटिल्य को जन्म चक्र की गणना के आधार पर उदर भाग के प्रति सचेत रहने की भी सलाह दी है ।