नवनिर्मित सडक़ के उड़ रहे परखच्चे
छतरपुर/सरबई। जिले के यदि जिम्मेदार आला अधिकारियों ने सडक़ की सुरक्षा को लेकर जल्द ही कोई कारगर कदम नही उठाए तो सडक़ का अस्तित्व ही मिट जाएगा। ओव्हरलोड ट्रकों के संचालन से चन्दला विधानसभा की नई नवेली सडक़ हो रही दिनोदिन खस्ताहाल। अभी डेढ़ साल पहले ही आजादी के सातवें दशक में क्षेत्रवासियों को मिली थी सडक़ की यह सौगात। चन्दला से यूपी सीमा चन्द्रपुरा तक करीब 63 करोड़ की लागत से बनी 42 किमी की सडक़ की खराब होने की शुरुआत 63 हफ्तों में ही होने लगी।
कोर्ट के आदेशानुसार उ.प्र.में वर्तमान में रेत के खनन पर रोक लगी है,जिससे यूपी के बालू माफिया एमपी की खदानों में वर्चस्व बनाने में लगें हैं जो काफी हद तक सफल भी हैं।
रेत माफियाओं और सत्तापक्ष के नेताओं की स्वार्थी जुगलबन्दी का शिकार हो रही है सडक़।
माफियाओं द्वारा क्षेत्र की जीवन -दायनी केन नदी का सीना छलनी करने के साथ ही मुद्दतों के बाद विकास की राह बनी नई नवेली सडक़ को बेखौफ होकर कर रहे हैं खराब।
करीब एक माह से नेहरा और चुकेहटा खदानों के डम्प से रोजाना करीब 500-700 ओव्हर लोड ट्रकों द्वारा रात दिन हो रहे खुलेआम रेत परिवहन से चन्दला से यूपी सीमा तक हाल ही में बनी सडक़ के खराब होने की शुरुआत हो चुकी है,जगह-जगह सडक़ उखड़ जाने से बड़े बड़े गड्ढे हो गए है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब दो खदानों की डम्प बालू के परिवहन मात्र से सडक़ की यह दयनीय दशा हो चली है तो क्षेत्र की हर्रई,बंजारी, हथौहा,चकहथौहा,लसगरेहा, बघारी न.1 ,बघारी न.2,सहित नेहरा और चुकेहटा खदान चालू हो जाने के बाद ट्रकों की संख्या स्वाभाविक तौर से बढ़ जायेगी,उस स्थिति में सडक़ की होने वाली दुर्गति की कल्पना मात्र से ही अंचलवासियों की रूह काँप जाती है।
सत्तापक्ष के नेताओं ,प्रशासन और बालू माफियाओं की सांठ-गाँठ से हो रही है खुलेआम ओव्हर लोडिंग। मजेदार बात तो यह है कि खदानों में आने वाले सभी ट्रक यूपी परमिट पास हैं,जिनके द्वारा म.प्र.सरकार को रोड टैक्स के नाम पर फूटीकौड़ी भी नही दी जा रही है,इसके बावजूद राज्य के जवाबदार विभागीय अधिकारियों द्वारा यूपी पास ट्रको के मालिकों पर की जा रही मेहरबानी किसी आश्चर्य से कम नही है।
प्रशासन या जनप्रतिनिधि की जानकारी में यदि चन्दला विधानसभा में हो रही ओव्हरलोडिंग न हो तो जानकारी के लिए यूपी-एमपी की सीमा वाले एमपी के गाँव चन्द्रपुरा (जनपद गौरिहार) में शाम को सैकड़ों ओव्हरलोड ट्रकों को रात दिन देखा जा सकता है।
इनका कहना है-
मुझे जानकारी प्राप्त हो चुकी है जांच करवाई जा रही है।
रमेश भंडारी, जिला कलेक्टर छतरपुर